सौरभ राय, रिपोर्टर, आइडियल एक्सप्रेस
Ranchi : झारखंड की राजनीति में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को लेकर दिए गए एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने एक विवादित टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा तंज कसा है, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर शुरू हो गया है.

सुप्रियो भट्टाचार्य ने क्या कहा था?
सुप्रियो भट्टाचार्य ने अपने बयान में कहा- “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में यह कहा है कि 75 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति को अपने पद से स्वेच्छा से हट जाना चाहिए. ऐसे में, भाजपा जो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ही राजनीतिक शाखा है, उससे जुड़ी यह बात लागू होनी चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो जाएंगे, तो क्या वे भी अपने पद से इस्तीफा देंगे?” उन्होंने इस बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की, कि पीएम मोदी को मोहन भागवत की बात का पालन करते हुए राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए.

भाजपा ने झामुमो पर किया पलटवार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और रांची विधायक सीपी सिंह ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने झामुमो को सलाह देते हुए कहा कि मोहन भागवत और पीएम मोदी की चिंता झामुमो जैसे दलों को नहीं करनी चाहिए. भागवत ने किस संदर्भ में क्या कहा, यह स्पष्ट नहीं है, और उसे जबरन राजनीतिक रंग देना अनुचित है. झामुमो की सरकार है, उसे जनकल्याण के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि अन्य नेताओं पर टिप्पणी करने में समय गँवाना चाहिए.

पीएम मोदी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी दुर्भावनापूर्ण : विहिप
वहीं आरएसएस की इकाई विश्व हिंदू परिषद के प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख प्रिंस अजमानी ने भी झामुमो पर पलटवार करते हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन की उम्र 81 साल है, लेकिन वे ठीीक ढंग से अपना कार्यकाल पूरा किया. अगर बात होती 75 वर्ष की तो हेमंत सोरेन छह वर्ष पहले ही पार्टी की कमान संभाल लिए होते. इसलिए यह बात गलत है कि कोई व्यक्ति किसी मुद्दे पर अपनी राय दे रहा है और आप इन बातों को राजनीतिक रूप दे रहे हैं . जहां तक बात है पीएम मोदी की तो उनको पूरा विश्व आज एक सम्मान के भाव से देख रहा है. उनके वजह से कई अंतराष्ट्रीय देश भारत के समक्ष झुकने को मजबूर हो चुके हैं.

राजद ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया
झारखंड सरकार में सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल भी इस बहस में कूद पड़ा है. राजद के महासचिव और मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने कहा कि मोहन भागवत का 75 वर्ष के बाद रिटायरमेंट का संदेश भाजपा नेतृत्व को ही दिया गया संकेत है. यह स्पष्ट है कि जब 11 सितंबर 2025 को मोहन भागवत और 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही 75 वर्ष के हो जाएंगे. अब उन्हें मार्गदर्शन मंडल में चले जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर संघ प्रमुख खुद इस पर अमल करने वाले हैं, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इससे पीछे नहीं हटना चाहिए.
















