सौरभ राय, संवाददाता, आइडियल एक्सप्रेस
Ranchi : पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक का आयोजन राजधानी रांची स्थित होटल रेडिसन ब्लू में किया गया. इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की. बैठक में झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 199 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में आपसी समन्वय और विकास को गति देने पर जोर
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने, क्षेत्रीय विकास की गति तेज करने और सुरक्षा-संबंधी विषयों पर साझा रणनीति बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी. बता दें ऐसी बैठक राज्यों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी और पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत आला अधिकारी इस बैठक के साक्षी बने. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. कैसे राज्यों को विकास से जोड़ा जा सके और केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर समाज को मुख्यधारा से लाया जाय. बता दें कि क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम हैं. इन बैठकों के माध्यम से हम जमीनी स्तर की समस्याओं को समझकर उसका समाधान सुनिश्चित करते हैं.
आंतरिक सुरक्षा और नक्सलवाद
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस ढांचे की मजबूती और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता को लेकर विशेष चर्चा हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों से बेहतर समन्वय और खुफिया जानकारी साझा करने पर ज़ोर दिया.
सीमा विवाद और प्रशासनिक समन्वय
राज्यों के बीच सीमा विवादों के समाधान के लिए विशेष समितियों के गठन पर चर्चा हुई. केंद्र ने राज्यों से आग्रह किया कि वे संवाद और सहयोग से इस तरह के मुद्दों का हल निकालें.
बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाएं
परिवहन, ऊर्जा, जल संसाधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी प्राथमिकताओं पर केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों की समीक्षा की गई. विशेष रूप से इंटरस्टेट सड़क परियोजनाओं, रेल कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई.
कृषि और खाद्य सुरक्षा
किसानों की आय बढ़ाने, फसल बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
युवा, रोजगार और कौशल विकास
पूर्वी भारत के युवाओं के लिए रोजगार अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में कदमों पर सहमति बनी.
राज्यों से इन प्रतिनिधियों की रही भागीदारी
झारखंड से: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
बिहार से: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी , मंत्री विजय चौधरी सहित प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया
ओडिशा से: मुख्यमंत्री मोहन माझी, उपमुख्यमंत्री पार्वती परीदा और मंत्री मुकेश महालिंग मौजूद रहे
पश्चिम बंगाल से: वित मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और वरीय अधिकारी मौजूद रहे
झारखंड के ओर से बकाया राशि का मुद्दा उठाया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्वी क्षेत्रीय परिषद बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष झारखंड सरकार के ओर से कोयला का बकाया रॉयल्टी करीब 1.36 लाख करोड़ रुपए को चुकाने की मांग की गई. बता दें राज्य की राजनीति में बकाया राशि का मुद्दा एक अहम मुद्दा बना हुआ है.
















