New Delhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया. तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव पेश किया गया. लोकसभा से तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव पास कर दिया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की सिफारिश की थी. इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष की ओर से बिल की कॉपी फाड़कर केंद्रीय गृह मंत्री की ओर फेंकी गयी.
कांग्रेस की आपत्ति, अमित शाह का जवाब
लोकसभा में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब अमित शाह को गिरफ्तार किया गया था तो क्या उन्होंने अपनी नैतिकता दिखाई थी? इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझ पर जब आरोप लगे थे तो मैंने गिरफ्तारी से पहले नैतिक रूप से इस्तीफा दिया था. कोर्ट से निर्दोष साबित न होने तक मैंने कोई सांविधानिक पद नहीं लिया था.
गिरफ्तार होने पर पीएम-सीएम और मंत्री को हटाया जा सकता है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पेश किए गए विधेयकों का उद्देश्य यह है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सके. इसका विपक्ष की ओर से विरोध किया जा रहा है.