New Delhi : अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इस मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद में सवाल पूछ रहा है. लोकसभा में आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय बातचीत चल रही है. मौजूदा हालत का आंकलन कर रहे हैं. कारोबारियों और स्टेक होल्डर्स के साथ बात कर रहे हैं. ग्लोबल ट्रेड में भारत का 16 फीसदी योगदान है. आगे उन्होंने कहा, भारत की युवा और स्किल्ड वर्क फोर्स हमारी ताकत है और हम अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षित रखेंगे. हमारे लिए घरेलू उद्योग का हित सबसे पहले है. उन्होंने कहा, ‘‘एक दशक से भी कम समय में पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं से निकलकर भारत प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है तथा दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है.’’ मंत्री ने कहा कि यह भी अपेक्षित है कि भारत कुछ ही वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. गोयल ने कहा, ‘‘यूएई, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते किए गए हैं. हम दूसरे देशों के साथ इसी तरह के समझौतों के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’
भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा
बता दें कि भारत पर अमेरिकी की तरफ से 25 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया बयान आया है. इस बयान में जब उनसे पूछा गया कि ‘क्या वे भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत के लिए तैयार हैं’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम अभी उनसे बात कर रहे हैं. देखते हैं क्या होता है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा या लगभग सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश था, हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं. टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है. इस समय दुनिया में उनका टैरिफ सबसे ज्यादा है. वे इसमें काफी कटौती करने को तैयार हैं. लेकिन देखते हैं क्या होता है…”
भारत-रूस की दोस्ती से ट्रंप परेशान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाएगा, साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त आयात कर भी लगाएगा। AP की खबर के मुताबिक, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदता है, जिससे यूक्रेन में मास्को का युद्ध संभव हो पाता है. इसलिए, उनका इरादा शुक्रवार से कई देशों पर अपने प्रशासन के संशोधित टैरिफ़ लागू करने के तहत अतिरिक्त “जुर्माना” वसूलने का है.