New Delhi : लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया. पहलगाम आतंकी हमले के पीछे की सुरक्षाचूक को रेखांकित करते हुए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला. कहा कि पहलगाम की बायसरन घाटी में सुरक्षा वहां क्यों नहीं थी? क्या सरकार को मालूम नहीं था कि हजारों लोग वहां जाते हैं. लोग सरकार के भरोसे गए और सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया. ये किसकी जिम्मेदारी किसकी थी?
जांच और जवाबदेही जरूरी : प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने पूछा कि उस जगह पर एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद क्यों नहीं था? क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है? प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ, वह पर्यटकों का लोकप्रिय स्थान है, फिर भी वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे. उन्होंने केंद्र से पूछा कि सरकार ने इस लापरवाही पर अब तक जवाब क्यों नहीं दिया. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की जान की जिम्मेदारी सरकार की होती है, और इस मामले में कड़ी जांच और जवाबदेही जरूरी है.
सोनिया गांधी का जिक्र कर अमित शाह पर पलटवार
सदन में अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करते अमित शाह के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं की बात की. मैं इसका जवाब देना चाहती हूं. मेरी मां के आंसू उस दिन गिरे थे, जब आतंकियों ने मेरे पिता की हत्या कर दी थी. उन्होंने आगे कहा कि आज जब मैं पहलगाम हमले के 26 पीड़ितों की बात करती हूं, तो इसलिए क्योंकि मैं उनके दर्द को महसूस करती हूं. मैंने भी अपना पिता खोया है, इसलिए मुझे पता है कि दुख क्या होता है.
इनके लिए सब कुछ राजनीति और प्रचार : प्रियंका
प्रियंका गांधी ने आगे केंद्र सरकार पर जनता की चिंता छोड़ केवल प्रचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा सवालों से बचती है. इन्हें देश के नागरिकों के प्रति कोई जवाबदेही महसूस नहीं होती. सच तो यह है कि इनके दिल में जनता के लिए जगह ही नहीं है. इनके लिए सब कुछ राजनीति और प्रचार है. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इवेंट और छवि बनाने में व्यस्त है, जबकि जनता की समस्याओं और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चुप्पी साध ली जाती है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का काम जवाब देना और जिम्मेदारी लेना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार इससे भागती नजर आती है.