New Delhi : लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह ने बोलते हुए कहा- “मैं पूरे देश की तरफ से सेना के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. आज मैं ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कुछ अहम विषयों को रखने के लिए मैं यहां खड़ा हूं. सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया. यह आतंकवाद के खिलाफ एक प्रभावी और निर्णायक प्रदर्शन था. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. इस हमले में हमारे 25 निर्दोष नागरिकों सहित एक नेपाली नागरिक की भी जान गई. उन लोगों की धर्म पूछकर जान ली गई. यह घटना भारत की सहनशक्ति की सीमा की भी परीक्षा थी.” रक्षा मंत्री ने आगे कहा- “पीएम मोदी ने सेनाओं को निर्णायक कार्रवाई की छूट दी. इसके बाद हमारे सैन्य नेतृत्व ने पूरी मैच्योरिटी से जवाब दिया. ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने से पहले हमारी सेनाओं ने हर विकल्प का पूरी गहराई से पड़ताल की. हमने उन विकल्पों को चुना, जिससे आतंकियों को नुकसान पहुंचे और आम नागरिकों को कोई नुकसान न होने पाए. हमारी सेनाओं ने 9 आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया. इन हमलों में 100 से अधिक आतंकी, उनके हैंडलर, ट्रेनर मारे गए. इन्हीं आतंकी संगठनों को पाकिस्तानी सेना का खुला समर्थन प्राप्त है.”
घर में घुसकर मारा, उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहे : राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने आगे कहा- “6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत हुई. इसमें पीओके के मुजफ्फराबाद में सवाई नाला, कोटली में अब्बास कैंप, बहावलपुर, मुरीदके, सरजाल आदि में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें से 7 ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. पूरा ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में समाप्त हो गया और हमने आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा. सशस्त्र बल अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहे.”
दबाव में ऑपरेशन रोकने के दावे पूरी तरह से गलत : रक्षा मंत्री
सदन में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा- “अध्यक्ष महोदय, ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं के समन्वय का शानदार उदाहरण था. हमारी सेनाओँ ने पाकिस्तान की हर हरकत का करारा जवाब दिया. भारतीय नौसेना ने भी उत्तरी सीमा पर अपनी तैनाती मजबूत कर दी. हम समुद्र से लेकर जमीन तक पाकिस्तान पर हमले में सक्षम हैं. ऑपरेशन सिंदूर से यह संदेश देना था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति रखता है. ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा और सभी उद्देश्य पूरे होने के बाद ही इसे रोका गया. किसी भी दबाव में ऑपरेशन रोकने के दावे पूरी तरह से गलत हैं.”