Delhi: राज्यसभा की बीएसी की बैठक में बुधवार को विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग की. विपक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्यसभा में अगले हफ्ते से दो दिन तक 16 घंटे की चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए. यह बैठक मानसून सत्र के दौरान हुई, जिसमें विभिन्न दलों के नेता, राज्यसभा में सदन के नेता जे. पी. नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने की. यह बैठक पहले सोमवार को प्रस्तावित थी, लेकिन उसी दिन शाम को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. बैठक के बाद कांग्रेस के राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि विपक्ष ने एक सुर में मांग की है कि पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा अगले हफ्ते से शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस पर चर्चा शुरू होने के एक दिन बाद राज्यसभा में चर्चा होनी चाहिए.
संसद में ऑपरेशन सिंदूर और बिहार में एसआईआर को लेकर हो रहा हंगामा
वहीं, अब जानकारी सामने आई है कि ऑपरेशन सिंदूर पर 28 जुलाई से लोकसभा में चर्चा शुरू होगी. सदन में इस पर 16 घंटे तक चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान मौजूद रहेंगे. जबकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस पर जवाब देंगे. प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह एक सामान्य बहस होनी चाहिए, कोई प्रस्ताव नहीं लाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग की और सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे. बता दें कि संसद के दोनों सदनों में पहलगाम हमले, बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) और अन्य मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है, जिसकी वजह से कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है.