Delhi : झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे एक दूसरे पर सियासी बयानबाजी कर रहे हैं. इस जुबानी जंग में भाषाई मर्यादा टूट रही है. मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को चैलेंज किया है- “मुंबई आओ, समुद्र में डुबो-डुबोकर मारेंगे. मैं दुबे को बोलता हूं, तुम मुंबई में आ जाओ, मुंबई के समंदर में डुबो-डुबोकर मारेंगे.” उन्होंने कहा कि अगर किसी ने यहां मराठी का अपमान किया, तो उसके गाल और हमारे हाथ की ‘युति’ जरूर होकर रहेगी. राज ठाकरे ने आगे कहा, “मुंबई के मीरा रोड में जो कुछ हुआ, जिसे पीटा गया, वो सही हुआ. उसे महाराष्ट्र स्टाइल में जवाब दिया गया. महाराष्ट्र में रह रहे हो, शांति से रहो, मराठी सीखो. हमारा तुमसे कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन अगर मस्ती करोगे तो महाराष्ट्र स्टाइल में समझा देंगे.”
हिंदी को अनिवार्य करके दिखाओ : राज ठाकरे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फणड़वीस पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा- “अब जाकर सरकार को समझ आया है. पहली से पांचवीं तक हिंदी को अनिवार्य करने की कोशिश करके तो दिखाओ. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हिंदी के लिए झगड़ रहे हैं. सारे स्कूल में मराठी अनिवार्य करनी चाहिए, लेकिन ये लोग सब छोड़कर हिंदी को अनिवार्य कर रहे हैं.” राज ठाकरे ने दावा किया कि कुछ गुजराती नेताओं और व्यापारियों का प्लान था कि मुंबई और महाराष्ट्र में भेदभाव लाया जाए. सरदार वल्लभभाई पटेल ने कहा था कि मुंबई और महाराष्ट्र को अलग मत करना. कई सालों से इनकी नजर मुंबई पर है. हमारी परीक्षा ले रहे हैं. यह सबने देख लिया है कि हिंदी थोपी तो महाराष्ट्र कैसा विरोध करेगा.”
सबसे अच्छी हिंदी मेरी, मराठी बोलना सीख लो : राज ठाकरे
राज ठाकरे ने कहा- “महाराष्ट्र में जितने भी नेता हैं, उन सबसे अच्छी हिंदी मेरी है. मैं यहां कोई भाषा विवाद करने नहीं आया हूं. सतर्क रहिए, आपके साथ कुछ भी हो सकता है. मैं हिंदू हूं, लेकिन हिंदी मुझ पर थोपी नहीं जा सकती. इस प्रांत पर किसी का अधिकार है तो वह हमारा है.” राज ठाकरे ने जोर दिया- “तुम्हारी सरकार लोकसभा और विधानसभा में रहेगी, हमारी सरकार रास्ते पर रहेगी. अगर किसी ने मराठी भाषा की इज्जत नहीं की तो उसके हम गाल और हाथ दोनों लाल करेंगे. यहां जो गैर मराठी लोग रहते हैं, उनको यही बोलूंगा कि जल्द से जल्द मराठी बोलना सीख लो. आप कहीं भी जाएं, चाहे रिक्शा, ऑफिस या दुकान हमेशा मराठी में ही बात करिए.”