Mumbai: गुरूवार यानी 17 जुलाई 2025 को शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाकात की. उद्धव ठाकरे विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे के कक्ष में देवेंद्र फडणवीस से मिले. लगभग आधे घंटे तक चली इस मुलाकात में उद्धव के बेटे और वर्ली विधायक आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे. इसके बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगने लगी. बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को सत्तापक्ष में आने का ‘ऑफर’ दिया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाकिया लहजे में उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा कि उद्धव जी साल 2029 तक मेरी विपक्ष की ओर आने की कोई संभावना नहीं है. आप इधर आना चाहें, तो रास्ता निकाला जा सकता है. लेकिन उसके लिए कुछ अलग तरीके से सोचना पड़ेगा.
ऑफर देने के एक दिन बाद हुई मुलाकात
यह मुलाकात फडणवीस के तरफ से उद्धव को दिए ऑफर के एक दिन बाद हुई. इससे राजनीतिक अटकलें शुरू हो गई हैं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि दोनों की बीच मुलाकात नेता विपक्ष के पद को लेकर हुई है. इस बयान के 24 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री से आज उद्धव की भेंट भी हो गई है, जो करीब 20 मिनट चली. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को एक किताब भेंट की, जिसमें लिखा है हिंदी की सख्ती क्यों, तीन भाषा जरूरी क्यों. हालांकि उद्धव-देवेंद्र की मुलाकात पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज हमने उन्हें एक कम्पाइलेशन दिया है कि पहली क्लास से तीन-भाषा नीति क्यों नहीं होनी चाहिए. इसे कई पत्रकारों और संपादकों ने लिखा है.