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निमिषा प्रिया मामला : विदेश मंत्रालय का बयान- “यह एक संवेदनशील मामला, भारत सरकार कर रही हरसंभव मदद”

New Delhi : केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और भारत सरकार इसमें हर संभव मदद कर रही है. हमने कानूनी मदद मुहैया कराई है और परिवार की सहायता के लिए वकील भी नियुक्त किया गया है. हम इस मुद्दे को सुलझाने के लिए स्थानीय अधिकारियों और उसके परिवार के संपर्क में भी हैं. बता दें कि यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा फिलहाल टाल दी गई है. निमिषा प्रिया पिछले आठ वर्षों से यमन के जेल में बंद है. वहां की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें हत्या के जुर्म मं फांसी की सजा सुनाई है.
भारतीय दूतावास लगातार यमन के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि निमिषा प्रिया मामला में भारतीय दूतावास लगातार यमन के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. खास तौर पर निमिषा प्रिया के परिजनों को हर तरह से सुझाव दिया जा रहा था और उन्हें यमन के कानूनी पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही थी. निमिषा के परिजनों को पीडि़त परिवार के लोगों से संपर्क कराने में भी दूतावास ने अपनी भूमिका निभाई है, ताकि इनके बीच सीधी बात हो सके.

हत्या का आरोप, आरोपी तलत मेंहदी निमिषा का करता था शारीरिक शोषण
केरल निवासी नर्स निमिषा प्रिया पढ़ाई के बाद यमन में नौकरी करने चली गई थी. वहां उन्होंने यमनी नागरिक तलत अबोद मेंहदी के साथ क्लीनिक शुरू की थी. मेंहदी उनका आर्थिक व शारीरिक शोषण करता था. प्रिया का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज पर भी उसने कब्जा कर रखा था. बाद में निमिषा प्रिया ने अपने पति व बच्चे को भारत भेज दिया. यमन अदालत में दर्ज मामले के मुताबिक अपना पासपोर्ट हासिल करने के लिए भारतीय नर्स ने मेंहदी को बेहोशी का इंजेक्शन दिया था लेकिन इसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी.
Ideal Express News