नई दिल्ली : QS World University Rankings 2026 में भारत का डंका बजा है. इस बार 54 भारतीय शिक्षण संस्थानों को वैश्विक सूची में स्थान मिला है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है. इस साल भारत से 8 नए संस्थानों को पहली बार रैंकिंग में शामिल किया गया है, जिससे कुल संख्या 54 तक पहुंच गयी. पिछले साल इसमें 46 संस्थान शामिल थे. अब भारत इस सूची में अमेरिका (192), यूके (90), और चीन (72) के बाद चौथा सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला देश बन चुका है. किसी भी अन्य देश ने इस साल QS रैंकिंग में इतनी अधिक संख्या में संस्थानों को शामिल नहीं किया है. जॉर्डन और अज़रबैजान क्रमशः छह-छह नए संस्थानों के साथ भारत के बाद दूसरे स्थान पर है. इसकी जानकारी गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी.
साल 2014 में 11, अब इसकी संख्या 54 : धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, “2014 में जहां केवल 11 भारतीय विश्वविद्यालय इस वैश्विक सूची में शामिल थे, वहीं आज यह संख्या पांच गुना बढ़कर 54 हो गई है. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में लागू की गई शिक्षा सुधार नीतियों और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 का नतीजा बताया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, “क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में रिकॉर्ड 54 संस्थानों की भागीदारी भारत की शिक्षा प्रणाली में आए परिवर्तन और प्रगति का प्रमाण है. यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि एक शैक्षिक क्रांति है.” उन्होंने यह भी कहा कि, “भारत अब G20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रणाली है और अमेरिका, यूके और चीन के बाद चौथा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बन चुका है.”
IIT दिल्ली भारत में अव्वल
इस साल की रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली को 123वां स्थान मिला है, जो भारत का सर्वोच्च स्थान है. इसके अलावा कई अन्य IIT और प्रमुख विश्वविद्यालयों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. पिछले साल आईआईटी, दिल्ली को 150वीं रैंक मिली थी. जबकि आईआईटी बॉम्बे को 11 पायदान गिरावट के साथ 129वां रैंक मिला है. एक दशक में भारतीय शिक्षण संस्थानों की हिस्सेदारी 318 फीसदी बढ़ी है. जी-20 देशों की सूची में भारत सबसे आगे है. 46 संस्थानों के प्रदर्शन में सुधार है. रैंकिंग में आठ नए संस्थान जुड़े हैं.
यह रैंकिंग कौन करता है?
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग का प्रकाशन लंदन स्थित वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषण फर्म Quacquarelli Symonds (QS) द्वारा किया जाता है. यह रैंकिंग कई मानकों (जैसे- अकादमिक प्रतिष्ठा, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, शोध प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की उपस्थिति और स्नातकों की रोजगार क्षमता) पर आधारित होती है.

















