Ranchi : भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश सोमवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की. आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की कथित फर्जी मुठभेड़ में हुई मौत की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच राज्य सरकार की एजेंसी सीआईडी को सौंपना मात्र लीपापोती है और दोषियों को बचाने की कवायद है.
फर्जी मुठभेड़ में की गई हत्या : दीपक प्रकाश
सांसद दीपक प्रकाश ने राज्यपाल को अवगत कराते हुए कहा कि सूर्या हांसदा की हत्या एक सुनियोजित षड्यंत्र का परिणाम है. उनके अनुसार, पुलिस ने पहले हांसदा को गिरफ्तार किया, फिर रातभर अमानवीय यातनाएँ दीं और बाद में फर्जी मुठभेड़ का नाटक कर उनकी हत्या कर दी. उन्होंने कहा, “स्वर्गीय सूर्या हांसदा की केवल यही गलती थी कि वे गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देते थे, अवैध खनन का विरोध करते थे और धर्मांतरण व घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाते थे.” दीपक प्रकाश ने बताया कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों गरीब और वंचित बच्चों के भविष्य से भी जुड़ा है. हांसदा इन बच्चों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर रहे थे. उनकी मौत से इन बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है.
सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप
भाजपा राज्यसभा सांसद ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस मामले को दबाने और दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि जिस थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों पर हत्या का आरोप है, वे आज भी वहीं पदस्थापित हैं. ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच की कोई संभावना नहीं बचती. दीपक प्रकाश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस प्रशासन साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि जिन अधिकारियों पर संलिप्तता का आरोप है, उन्हें तत्काल स्थानांतरित किया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो और पीड़ित परिवार पर हो रहा भयादोहन भी समाप्त हो सके.
सीबीआई जांच की मांग
दीपक प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि झारखंड की जनता का विश्वास है कि सीआईडी जांच केवल औपचारिकता है. उन्होंने कहा, “निष्पक्षता और पारदर्शिता तभी सुनिश्चित होगी जब इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा.”