Patna : बिहार में वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण का मामला गरमाया हुआ है. एसआईआर के खिलाफ राहुल गांधी और तेजस्वी यादव द्वारा पदयात्रा और रैली करने पर के ऐलान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है. कहा कि चोर, चोरी के खिलाफ बोलेगा तो उनकी बातों पर कौन विश्वास करेगा. इनकी बातों को बिहार की जनता सुनने वाली नहीं है. जनता ने मन बना लिया है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए को सत्ता सौंपेगी. गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने आजतक महाराष्ट्र को लेकर चुनाव आयोग को सबूत क्यों नहीं दिया. दरअसल राहुल गांधी ने झूठ बोलने का ठेका ले रखा है.
हार से पहले ही महागठबंधन वाले ढूंढ़ रहे बहाना : उपेंद्र कुशवाहा
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी एसआईआर को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर हमला बोला. कहा कि वोटर लिस्ट के मामले को लेकर ये लोग सदन में चिल्लाते रहते हैं कि वोट की चोरी नहीं चलेगी. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इन लोगों के पास वोट है ही नहीं. जिनके घर में कुछ भी नहीं है वहां कौन चोरी करेगा. इनके पास वोट है नहीं और वोट की चोरी का आरोप लगा रहे हैं. महागठबंधन के बड़े नेताओं के द्वारा पदयात्रा और रैली पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें ये सब करने का अधिकार है. क्योंकि चुनाव है. उन्हें करना है तो करने दीजिए. कोई फर्क नहीं पड़ेगा. बिहार की जनता ने एनडीए की सरकार बनाने का मन बना लिया है. महागठबंधन के लोग चुनाव हारने से पहले एक कारण ढूंढ़ रहे हैं. चुनाव हारने के बाद कहेंगे कि वोट चोरी हो गयी इसलिए हार गये. वहीं बिहार में मानदेय बढ़ाने जाने पर उन्होंने कहा कि हम नीतीश कुमार को इसके लिए धन्यवाद देते हैं. वहीं अमेरिका के द्वारा 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मामला है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर इसकी चर्चा होनी चाहिए.
राहुल गांधी अदृश्य मतदाताओं के सहारे जीते थे चुनाव? : राजीव प्रताप रूडी
वहीं भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है. उनकी जीत को ही अदृश्य मतदाताओं से जोड़ दिया. इसके साथ ही भाजपा सांसद ने रक्षाबंधन के बाद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की प्रस्तावित पदयात्रा पर भी सवाल खड़े किये. राजीव प्रताप रूडी ने कहा- “क्या अब तक राहुल गांधी की जीत अदृश्य मतदाताओं के सहारे हुई थी?” “हम राजनीति में रहे हैं, लेकिन अदृश्य मतदाताओं से जीतते हुए किसी को नहीं देखा. चुनाव आयोग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाना गलत है. लगभग 70 लाख मतदाता जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं, अगर उसी के सहारे राहुल गांधी चुनाव जीतने का दावा करते हैं, तो यह सचमुच आश्चर्यजनक है.” “अगर राहुल गांधी को इतना ही कष्ट है, तो वह साबित करें कि ये अदृश्य मतदाता कहां हैं. उनकी जितनी भी जीत हुई है, क्या वह मानते हैं कि वो फर्जी मतदाताओं से हुई?” वहीं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच तालमेल पर चुटकी लेते हुए राजीव प्रताप रूडी ने कहा- “पहले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव में तालमेल नहीं था. अब यह तालमेल कितने दिन टिकेगा, कहना मुश्किल है.”