Ranchi : आज, 1 अगस्त से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र प्रारंभ हो चुका है. विभिन्न मुद्दों को लेकर सता पक्ष और विपक्ष भिड़ते हुए नजर आये. पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार निरंकुश हो गई है. राज्य में मंत्री, विधायक और अधिकारी आपस में लड़ रहे हैं. कोई मंत्री, अधिकारी के विरुद्ध धरना दे रहा है तो कोई अधिकारी को फटकार लगा रहा है.
चंपाई सोरेन का चरित्र उजागर : हेमलाल मुर्मू
वहीं चंपाई सोरेन पर पलटवार करते हुए झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि चंपाई सोरेन कुछ ना कहें तो बेहतर होगा, क्योंकि उनका चरित्र उजागर हो चुका है. झारखंड सरकार पर निशाना साधने से पहले चंपाई सोरेन को खुद के गिरेबान में झांककर देखना चाहिए. उलिहातु पर उनका चरित्र उजागर हो चुका है.
राज्य में महिला असुरक्षित : पूर्णिमा दास साहू
वहीं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने राज्य में महिलाओं के प्रति बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं. आए दिन अपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं. मंईंया सम्मान योजना सब ढोंग है. महिलाओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है. बस योजनाओं में ही सम्मान देने की बातें हो रही है.