Ranchi : झारखंड एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्यभर के एंबुलेंस चालक हड़ताल पर चले गये हैं. इसकी वजह से 108 एंबुलेंस का परिचालन पूरी तरह से ठप है. मंगलवार, 29 जुलाई को एम्बुलेंस चालकों ने राजभवन के सामने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया. राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो व्यापक आंदोलन किया जायेगा. बता दें कि रांची में कुल 36 एंबुलेंस हैं, जिसमें से 20 एंबुलेंस ही कार्यरत हैं, इन सभी एंबुलेंस को विभिन्न सरकारी अस्पतालों में खड़ा कर दिया गया है. एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से मरीजों को निजी एंबुलेंस को अधिक पैसे देकर अस्पतालों तक ले जाना पड़ा. हड़ताल संथाल को छोड़ सभी जगहों पर जारी है.
उचित मानदेय नहीं मिलता,नहीं मिलता उचित मानदेय : एंबुलेंस चालक
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि 108 एंबुलेंस का संचालन, समाधान फाउंडेशन नाम की एक निजी संस्था द्वारा किया जा रहा है. उनका आरोप है कि संस्था द्वारा उनसे रोजाना 12-12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है. लेकिन उसके बदले न तो उन्हें उचित मानदेय दिया जाता है और न ही किसी प्रकार की सरकारी सुविधा का लाभ मिलता है. वे न तो ईपीएफ के दायरे में हैं और न मेडिकल सुविधा या बीमा का उन्हें लाभ मिलता है.