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विनोबा भावे विश्वविद्यालय में घोर अनियमितता, अवैध रूप से प्रॉक्टर पद पर बने हुए हैं मिथिलेश सिह : चंदन सिंह

Ranchi : झारखंड छात्र मोर्चा के चंदन सिंह ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय में घोर अनियमितता का आरोप लगाया है. ओएसडी को लिखे पत्र में चंदन सिंह ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के प्रॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह पर गंभीर आरोप हैं. आरोप है कि मिथिलेश कुमार सिंह ने रांची विश्वविद्यालय के निर्देश के बावजूद अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर वापस नहीं लौटे. अवैध रूप से प्रॉक्टर के पद पर अभी भी बने हुए हैं. रांची विश्वविद्यालय ने 14 जुलाई 2025 को मिथिलेश कुमार सिंह को अपनी मूल पदस्थापना स्थल पर वापस लौटने का निर्देश दिया था, क्योंकि उनका लीयन अवधि समाप्त हो गई थी. इसके बावजूद मिथिलेश कुमार सिंह ने इसका पालन नहीं किया और अवैध रूप से प्रॉक्टर के पद पर बने हुए हैं.
मिथिलेश सिंह पर हो कार्रवाई : चंदन सिंह
चंदन सिंह का कहना है कि मिथिलेश कुमार सिंह प्रॉक्टर के पद पर रहते हुए भी विश्वविद्यालय के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे हैं जो कि गंभीर हितों के टकराव वाली स्थिति है. यह न केवल नैतिकता के विरुद्ध है, बल्कि यह न्याय के मूल सिद्धांत “Nemo judex in causa sua” का भी उल्लंघन है. मामले की सुनवाई के दौरान, झारखंड उच्च न्यायालय ने मिथिलेश कुमार सिंह को निर्देश दिया था कि वे विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति को प्रतिवादी के रूप में शामिल करें. इसके बावजूद, मिथिलेश कुमार सिंह प्रॉक्टर के पद पर बने हुए हैं और विश्वविद्यालय के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे हैं. चंदन सिंह ने मांग की है कि मिथिलेश कुमार सिंह को प्रॉक्टर के पद से हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए. उनका कहना है कि मिथिलेश कुमार सिंह का प्रॉक्टर के पद पर बने रहना झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के विरुद्ध है. चन्दन सिंह ने मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है.
Ideal Express News