Ranchi: झारखंड के रांची, खूंटी और रामगढ़ जिलों में चलंत पशु चिकित्सालय (MVU-1962) में कार्यरत लगभग 100 से अधिक पैरावेट एवं पायलट कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. रांची स्थित पशुपालन विभाग के परिसर में एक दिन के लिए हड़ताल पर बैठे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है. कार्यस्थल में असमान परिस्थितियाँ हैं और ठेका कंपनी EMRI ग्रीन/कैरोस कर्मचारियों का शोषण कर रही है. हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें लगातार तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है. आर्थिक संकट के कारण वे कार्यस्थल तक भी नहीं पहुँच पा रहे हैं. कई कर्मचारियों को प्रतिदिन लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन पैसे की तंगी के कारण यह मुमकिन नहीं हो पा रहा है. कंपनी से जब पेमेंट की मांग की जाती है, तो वह सरकार पर ज़िम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेती है. वहीं सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती.
1 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से वेतन में कटौती की जाती है. आवाज़ उठाने वालों को धमकाया जाता है और नौकरी से निकालने की चेतावनी दी जाती है. इतना ही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों को भी नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. वहीं पैरावेट एवं पायलट संघ को प्रदेश अध्यक्ष भोली खान ने चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई 2025 तक सभी कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो 1 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार और संबंधित कंपनी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती. विरोध प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष भोली खान, उपाध्यक्ष गोपी राव एवं विकास गिरी, सचिव बापन व सागर चौधरी, कोषाध्यक्ष गंगेश्वर महतो, मीडिया प्रभारी अंकित कुमार एवं राहुल कुमार, सलाहकार अजय कुमार व मिथुन महतो सहित कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे.