Patna : बिहार में वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण को लेकर सदन से सड़क तक हंगामा मचा हुआ है. संसद से लेकर बिहार विधानसभा में इसे लेकर इंडिया गठबंधन के घटल दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया और इसे गरीबों का हक छीनने वाला बताया. कहा कि अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ों और गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है. इसे लेकर एनडीए के नेताओं ने इंडिया गठबंधन पर जोरदार पलटवार किया है. लोजपा रामविलास के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि इसमें विरोधाभास किस बात की है. विपक्ष के ही कहने पर मतदाता पुनरीक्षण हो रहा है. महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण का काम शुरू किया. चिराग पासवान ने कहा कि सत्ता के लिए विपक्ष संवैधानिक संस्थान पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रहा है. विपक्ष देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करना चाहता है.
SIR सतत प्रक्रिया, विपक्ष कर रहा तुष्टिकरण : जीतनराम मांझी
वहीं हम पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है. इससे सही वोटरों की पहचान होती है. चुनाव आयोग पर संदेह जताना विपक्ष की आदत बन गयी है. विपक्ष तुष्टिकरण के नाम पर भाजपा का डर दिखलाकर वोट लेता है.
जो देश के नागरिक नहीं हैं, वे वोटर नहीं रहेंगे : ललन सिंह
वहीं जेडीयू के नेता सह केंद्रीय मत्री ललन सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला सही है. जो देश का नागरिक नहीं हैं वे वोटर नहीं रहेंगे, दो जगहों पर जिनका नाम है उनका नाम काटा जायेगा. इसमें परेशानी क्या है. जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनका नाम मतदाता सूची में क्यों रहे. चुनाव आयोग का कदम सही है और इसका पूर्ण समर्थन देश की जनता कर रही है. ललन सिंह ने कहा कि बिहार की जनता विपक्ष के झांसे में नहीं आएगी. बिहार की जनता को मालूम है कि यह सब फरेबी लोग हैं, जालसाज लोग हैं.
तेजस्वी यादव पर राजीव प्रताप रूढ़ी का तीखा वार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बयान दिया था कि अगर SIR पर फैसला नहीं हुआ तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे. इस पर एनडीए के सांसद सह बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूढ़ी ने तीखा वार किया. कहा कि तेजस्वी जी के बयान से दो ही तर्क निकलता है. पहला ये है कि तेजस्वी यादव समझ गए हैं कि अगला चुनाव उनके हाथ से निकल गया है. इसलिए पहले ही मैदान छोड़ दो या फिर कोई बड़ी राजनीति करना चाह रहे हैं. चुनाव आयोग का फैसला सही है, इससे सही वोटरों की पहचान होगी. मृत व्यक्ति के नाम वोटर लिस्ट से हटेंगे.