पटना : बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में नीतीश सरकार 12 विधेयक पारित करवाए. इनमें चार मूल और आठ संशोधन विधेयक शामिल हैं. चारों दिन विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर SIR के मुद्दे पर सरकार पर जमकर हमला बोला. शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विधायक प्रदर्शन करने लगे. वे कह रहे थे कि सत्ता पक्ष के विधायक सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष को अपशब्द कहा जा रहा है लेकिन उनपर कार्रवाई नहीं हो रही है. लोकतंत्र के मंदिर में यह अन्याय हो रहा है. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार खड़े हो गए. सीएम नीतीश विपक्षी नेताओं के काले लिबास पर भड़क गए. उन्होंने कहा- “देख लीजिए यह लोग किस तरह का कपड़ा पहने हुए हैं. यह लोग उल्टा पुल्टा काम करते हैं. आपको पता है न हमलोगों ने कितना काम किया है. पहले क्या स्थिति थी?”
आखिरी दिन भी काले कपड़े पहन कर आए विपक्षी विधायक
मानसून सत्र के आखिरी दिन विपक्ष के विधायक काले कपड़े में पहुंचे. पोर्टिको में विधायकों ने SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. कांग्रेस और राजद के विधायकों ने NDA के विधायकों और मंत्रियों पर गुंडई करने का आरोप लगाया. कहा कि लोकतंत्र का अपमान किया जा रहा है. वहीं हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि यह लोग जनता को भरमाने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि पिछले चार दिनों से मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर विपक्ष काले लिबास में सदन आ रहे और अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुवार को मतदाता पुनरीक्षण कार्य के मुद्दे पर चर्चा भी हुई की. सदन में तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी. इस दौरान सम्राट चौधरी से उनकी तीखी नोंकझोंक भी हुई. इसी बीच CAG की रिपोर्ट भी पेश हुई.
विपक्ष का आचरण निंदनीय : प्रेम कुमार
शुक्रवार को लंच ब्रेक के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के विधायक फिर से हंगामा करने लगे. कुछ विधायकों ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की. राजद विधायक ने कहा कि तानाशाही और गुंडागर्दी नहीं चलेगी. वहीं मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में विपक्ष का आचरण निंदनीय है. सीएम और डिप्टी सीएम पर टिप्पणी से लोकतंत्र शर्मशार हुआ है. यह अन्याय है. इनलोगों ने लोकतंत्र को शर्मसार किया. यह लोग ने विधानसभा के सत्र चलने नहीं देना चाहते हैं.