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रांची : एचईसी के मजदूर आउटसोर्सिंग के खिलाफ हुए गोलबंद, अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

सौरभ राय, आइडियल एक्सप्रेस
रांची : वर्ष 1958 में एचईसी की स्थापना रांची के धुर्वा में की गयी थी. उस समय यह देश का उत्कृष्ट इंजीनियरिंग संयत्र था. हजारों लोगों को नौकरी देने वाला एचईसी वर्तमान समय में अपने बुरे दौर से गुजर रहा है. एचईसी के मजदूर एक बार फिर गोलबंद होकर प्रदर्शन करने में मजबूर हो गए हैं. सोमवार 21 जुलाई को मजदूर एचईसी कार्यालय के समीप अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया. ‘आइडियल एक्सप्रेस’ से बातचीत करते हुए मजदूरों ने कहा- “आउटसोर्सिंग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, इससे काफी संख्या में मजदूर बेरोजगार हो जायेंगे. इसके साथ-साथ क्वार्टर भी छीन लिया गया है. मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है.” मौके पर बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे. इस दौरान पुलिस और मजदूरों में झड़प भी देखने को मिली.
HEC मुद्दे को लेकर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग
वहीं एचईसी के मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- “साल 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान एचईसी को बर्बाद कर दिया गया. भाजपा और केंद्र सरकार एचईसी के मजदूरों के दुख-दर्द को समझती है. मोदी सरकार इसके सुधार के लिए प्रयासरत है. समय लग रहा है लेकिन विश्वास रखें कि केंद्र सरकार मजदूरों का कल्याण करेगी.”

पीएम मोदी, अडानी को बेचना चाहते हैं HEC : कांग्रेस
वहीं भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा- “पीएम मोदी अपने पूंजीपति मित्र गौतम अडानी को एचईसी बेचना चाहते हैं. इसी कारण एचईसी की दयनीय स्थिति है. भाजपा सिर्फ कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ती है. उनके दो मंत्री झारखंड से हैं. इसके बावजूद सदन में एचईसी मजदूरों के मुद्दे को क्यों नहीं उठाई जा रही है.”
Ideal Express News