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सियासी बवाल : पीएम मोदी पर सिद्धारमैया के बयान से झारखंड में सियासी तपिश, प्रधानमंत्री के रिटायर होने की सलाह पर जुबानी जंग

सौरभ राय, आइडियल एक्सप्रेस
Ranchi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन आगामी 17 सितंबर को देशभर में मनाया जाएगा. लेकिन इस बार उनका जन्मदिन राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अब 75 वर्ष के होने जा रहे हैं और आरएसएस के नियमों के अनुसार इस उम्र के बाद पद छोड़ देना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी सलाह दी थी कि नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देकर किसी दलित नेता को देश का प्रधानमंत्री बना देना चाहिए. कर्नाटक मुख्यमंत्री के इस बयान पर अब झारखंड में राजनीति तपिश देखने को मिल रही है. बीजेपी और कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए और जुबानी जंग शुरू हो गयी.

कांग्रेस परिवारवादी पार्टी, खड़गे सिर्फ मुखौटा : भाजपा
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ दलित समाज के नाम पर राजनीति करती है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस खुद परिवारवाद की राजनीति करती है. राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे केवल एक दिखावटी चेहरा हैं. असली कमान आज भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के हाथों में है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पास कोई पॉवर नहीं है. हर निर्णय सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा लिया जाता है. दलित समाज को छलने का काम कांग्रेस ने किया, ऐसे में कांग्रेस को दलित हितों पर भाषण देने का कोई हक नहीं है.”

सिद्धारमैया की बात सही, RSS की है नीति : कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा- “जो बात कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, वह आरएसएस की ही नीति पर आधारित है. आरएसएस प्रमुख ने खुद कहा था कि 75 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति को पद छोड़ देना चाहिए. ऐसे में अगर वही बात कही जा रही है, तो भाजपा को आपत्ति क्यों है?” राकेश सिन्हा ने आगे कहा कि भाजपा ने अब तक दलित समाज के साथ छल किया है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा दलित, पिछड़े और शोषित वर्गों के विकास के लिए काम किया है. भाजपा के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए बौखलाहट में जवाब दिया जा रहा है.
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