Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सल विरोधी अभियान के लिए 13,299 करोड़ रुपये माफ करने की मांग की है. सीएम सोरेन ने केंद्र को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि नक्सल विरोधी अभियान के मद में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति के एवज में झारखंड सरकार पर बकाया 13,299.69 करोड़ रुपये की राशि को माफ कर दिया जाए. इसके बाद झारखंड में सियासी बयानबाजी शुरू हो गयी. इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है. नियमों के अनुसार केंद्रीय बलों की तैनाती पर खर्च राज्य सरकार को वहन करना होता है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चाहिए कि वे दिल्ली में गृह मंत्री से मुलाकात कर इस विषय में चर्चा करें, न कि केवल पत्राचार तक सीमित रहें. भाजपा हमेशा सही मुद्दों को समझती है और समस्या का हल भी निकालती है.
हमारा बकाया केंद्र सरकार नहीं दे रही : कांग्रेस
वहीं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता सह खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने मामले को लेकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि भाजपा व्यापारी वर्ग की पार्टी है. नक्सलवाद के नाम पर फंडिंग होती रही है, जबकि राज्य के विकास के लिए फंड को रोका जा रहा है. हमारे GST का करीब 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बकाया केंद्र सरकार अब तक नहीं दे रही है. ऊपर से राशि वसूलने की मांग कर रही है. अगर उपयोगिता प्रमाण पत्र चाहिए तो सरकार मांग सकती है, लेकिन इस तरह से दबाव बनाना उचित नहीं.