Ranchi : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने शनिवार को आयोग की पांच सदस्यीय टीम के साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की. यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें राज्य के आदिवासी समुदाय से संबंधित कई गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई. भेंट के दौरान आशा लकड़ा ने झारखंड में पेसा कानून के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी क्षेत्रों में स्व-शासन, पारंपरिक अधिकारों की रक्षा और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. राज्यपाल से आग्रह किया गया कि इस पेसा कानून को ज़मीनी स्तर पर सही तरीके से लागू करवाने के लिए प्रशासनिक पहल की जाए.
कृषि भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण को लेकर आशा लकड़ा ने जताई चिंता
इसके अलावा, आशा लकड़ा ने कृषि योग्य भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की योजना भले ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के लिहाज से आवश्यक हो, लेकिन अगर यह योजना आदिवासियों की कृषि भूमि पर होता है, तो इससे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने राज्यपाल से अपील की, कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार करते हुए आदिवासी समुदाय की सहमति और हितों को सर्वोपरि रखा जाए.
















