Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पीएम मोदी के रिटायरमेंट को वकर कड़े सवाल पूछे हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि आरएसएस ने नेताओं के रिटायरमेंट के लिए 75 साल तय किया था. अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 75 साल के होने वाले हैं तो पीएम मोदी कब रिटायर होंगे. 17 सितंबर के बाद देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. पीएम मोदी को ‘साल ओढ़ाकर’ विदाई कब दी जायेगी. सुप्रियो भट्टाचार्य ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 75 साल की उम्र पार करने पर नेताओं को साल ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है. उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का जन्म 11 सितंबर 1950 को हुआ था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को. इस आधार पर उन्होंने सवाल किया कि यदि संघ के नियमों का पालन होता है, तो क्या पीएम मोदी को भी 75 वर्ष पूरे होने पर पद से हटाया जाएगा?
भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को लगाया गया किनारा : सुप्रियो भट्टाचार्य
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ने पूर्व में कई वरिष्ठ नेताओं को केवल उनकी उम्र के कारण चुनाव नहीं लड़ने दिया. उन्होंने कहा कि एक साल पहले हुए लोकसभा चुनावों में कई वरिष्ठ नेताओं को सिर्फ इसलिए टिकट नहीं दिया गया क्योंकि वे 75 साल पार कर चुके थे. लेकिन वही नियम अब पीएम मोदी पर क्यों नहीं लागू हो रहा है.
17 सितंबर के बाद कौन पीएम मोदी को विदाई देगा : सुप्रियो
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि 17 सितंबर के बाद पीएम मोदी को कौन शॉल ओढ़ाकर विदाई देगा. अगर पीएम मोदी 75 साल की आयु के बाद भी पद पर बने रहते हैं तो यह स्वयं संघ प्रमुख के कथन का अपमान होगा. भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि अगर संघ अपने ही नियमों का पालन नहीं करेगा तो कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास की कमी पैदा होगी.
‘80 वर्ष के नेताओं को कैबिनेट में रखना राजनीतिक स्वार्थ’
उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए 80 वर्ष की उम्र पार कर चुके नेताओं को भी कैबिनेट में बनाए रखती है, जो संघ की कथनी और करनी में फर्क को दर्शाता है.
















