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भारत बंद : रांची में श्रमिक संगठनों-राजनीतिक दलों का जोरदार प्रदर्शन, निशाने पर मोदी सरकार

Ranchi : केंद्र सरकार की नई श्रम नीतियों के खिलाफ देशभर में श्रमिक संगठनों और उनके सहयोगी संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया था. रांची में भारत बंद के दौरान श्रमिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. राजधानी में झामुमो, सीपीआई, इंटक समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. मौके पर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा- “ केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से श्रमिक और किसान विरोधी है. किसानों के खिलाफ लाए गए तीन काले कानूनों के विरोध में सात महीने चले आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की शहादत हुई. अब श्रमिक संगठनों पर बैन लगाया जा रहा है और लेबर लॉ में बदलाव करके निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है.”

अडानी-अंबानी की सरकार बनकर रह गयी : सीपीआई

वहीं सीपीआई नेता अजय सिंह ने केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा- “ यह सरकार अडानी-अंबानी की सरकार बनकर रह गई है. मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है. सीपीआई केंद्र की श्रम नीति का पुरजोर विरोध करती है और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करती है.”

‘कॉरपोरेट के दबाव में केंद्र की मोदी सरकार’

वहीं झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया और कहा- “ यह गरीबों, मजदूरों और आदिवासियों के खिलाफ साजिश है. नए कानूनों के तहत मजदूरों को हड़ताल करने और अपनी मांगें सामने रखने तक से रोका जा रहा है. यह सीधे-सीधे कॉरपोरेट के दबाव में लिया गया फैसला है. इससे पहले भारत बंद के दौरान रांची में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.

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