Ranchi : पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक रांची में आगामी 10 जुलाई को आयोजित होने जा रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसमें शामिल होंगे. अमित शाह के रांची आगमन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है. झारखंड में सत्ता संभाल रही झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा उठाया. झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने कहा है कि जल जीवन मिशन और बकाया राशि का मुद्दा दोनों अलग विषय है. जल जीवन मिशन को लेकर जांच की जा रही है और उचित मॉनिटरिंग कर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा. जहां तक केंद्र से बकाया राशि का सवाल है तो यह राज्य सरकार का अधिकार है. वह राशि जल्द से जल्द मिलनी चाहिए. लेकिन इस मुद्दे को और जल जीवन मिशन के मामले को मिलाकर पेश करना भाजपा के दोहरा चरित्र को उजागर करता है. कुणाल सारंगी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता जनता को दिग्भ्रमित कर रहे हैं. वहीं सहयोगी दल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि देश के गृह मंत्री का स्वागत करते है लेकिन उनके आगमन से पहले घोषणा की जाए कि राज्य सरकार का बकाया पैसा एक लाख 36 हजार करोड़ मिलेगा तो राज्य की जनता खुश होगी.
बहानेबाजी के सहारे चल रही झारखंड सरकार : भाजपा
वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में हेमंत सरकार सिर्फ बहानेबाजी के सहारे चल रही है. जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार द्वारा पिछले पांच सालों में झारखंड सरकार को हमेशा पैसे दिए गए हैं लेकिन सर्वे के अनुसार इस योजना के लिए सिर्फ 50 फीसदी टारगेट पूरा हुआ है. देश के फिसड्डी राज्यों में झारखंड का परफॉर्मेंस है. अगर केंद्रीय योजनाओं में स्कैम मिलेगा तो निश्चित तौर पर केंद्र सरकार पैसे पर रोक लगाएगी.
















