जमशेदपुर : पद्मश्री छुटनी महतो की जीवनी पर बायोपिक बनने जा रही है. दरअसल झारखंड के सरायकेला की रहने वाली छुटनी महतो डायन प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान चला रही है. उन्हें इसके लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है. छुटनी महतो डायन प्रथा से पीड़ित हजारों लोगों की जान बचा चुकी हैं. इतना ही नहीं उनका पुनर्वास भी करने का प्रयास करती हैं. अब छुटनी देवी के जीवन पर बायोपिक बनेगी. हैदराबाद की कंपनी औडम्बरा इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड उनके जीवन पर बायोपिक बनायेगी. बुधवार (18 जून) को जमशेदपुर में बायोपिक बनाने वाली प्रोडक्शन की टीम ने छुटनी महतो को ब्रिजा कार भेंट की. कार की चाभी सौंपने के मौके पर बायोपिक की लेखिका-निर्देशिका प्रियदर्शिनी कृष्णा, प्रोडक्शन टीम के सदस्य रोहित बेंकटेश्वर, विजय मनोज, शिवराज, जाने-माने समाजसेवी और उद्योगपति मधुकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार भैरो महाराज समेत कई लोग मौजूद थे.

तीन भाषाओं में बनेगी बायोपिक
बता दें कि पद्मश्री छुटनी देवी पर बन रही बायोपिक हिंदी, तेलगु और कन्नड़ भाषाओं में बनेगी. हैदराबाद की कंपनी औडम्बरा इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने ये जिम्मेदारी उठायी है. अभी बायोपिक के लिए कास्टिंग की तैयारी चल रही है. इसकी 50 फीसदी शूटिंग झारखंड में जबकि 50 फीसदी शूटिंग हैदराबाद में होगा.
















