Advertisement

BRICS Summit: घोषणापत्र में आतंकवाद की निंदा, निशाने पर पाकिस्तान, पीएम मोदी ने कहा- ‘भारत आतंकवाद पर नहीं करेगा समझौता’

BRICS Summit: ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन मे एक घोषणापत्र जारी किया गया जिसमें सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गयी. घोषणापत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाई टैरिफ और ईरान पर इजरायली-अमेरिकी हमलों पर भी निशाना साधा गया. घोषणापत्र में किसी खास देश का नाम नहीं लिया गया लेकिन निशाना पाकिस्तान पर था. रियो डी जनेरियो घोषणापत्र’ में, ब्रिक्स नेताओं ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की. “आतंकवादियों के सीमा पार आंदोलन, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित पनाहगाहों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने” का आह्वान किया. वहीं ‘वैश्विक शासन में सुधार’ विषय पर सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पूरी दुनिया को साफ-साफ मैसेज दिया कि भारत आतंकवाद पर समझौता करने को तैयार नहीं है. पहलगाम जैसा कोई आतंकी हमला सिर्फ भारत पर हमला नहीं है, यह पूरी मानवता पर हमला है.

निशाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ब्रिक्स घोषणापत्र के अनुसार, ब्रिक्स सदस्यों ने “एकतरफा टैरिफ में वृद्धि के बारे में गंभीर चिंता” व्यक्त करते हुए कहा कि टैरिफ से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने का खतरा है. ब्राजील, भारत और सऊदी अरब जैसे अमेरिकी सहयोगियों को देखते हुए, घोषणापत्र में किसी भी बिंदु पर अमेरिका या उसके राष्ट्रपति की नाम लेकर आलोचना नहीं की गई. हालांकि ब्रिक्स के घोषणापत्र को देखते हुए ट्रंप ने भी धमकी दे दी है. ट्रंप का कहना है कि जो देश ब्रिक्स की ‘अमेरिकी विरोधी नीतियों’ के साथ तालमेल बैठाएंगे उनपर अतिरिक्त 10 फीसदी टैरिफ लगेगा.

घोषणापत्र में ईरान पर हमले की निंदा की गयी

ब्रिक्स सम्मेलन में इजरायल और अमेरिका द्वारा परमाणु और अन्य टारगेट पर किए गए सैन्य हमलों की निंदा की गयी. साथी सदस्य देश ईरान के लिए समर्थन भी दिखाया गया.

शी जिनपिंग और पुतिन की गैर मौजूदगी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग राष्ट्रपति के रूप में अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में पहली बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की बैठक में शामिल नहीं हुए. वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी दूर रहने का विकल्प चुना. वीडियो लिंक के जरिए इसमें भाग लिया. सम्मेलन में पुतिन ने समकक्षों से कहा कि ब्रिक्स वैश्विक शासन में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है.

Ideal Express News