ईरान-इजराइल युद्ध : ईरान पर अमेरिकी हमलों से रूस और चीन भी बिफर पड़ा है. दोनों देशों ने अमेरिकी हमलों को गलत बताया और इसकी कड़ी निंदा की. वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने डोनाल्ड ट्रंप को जुआरी करार दिया. आईआरजीसी ने अमेरिका पर हमले की धमकी दी. कहा कि अमेरिका को हमलों का जवाब देना होगा. कॉर्प्स के प्रवक्ता ने इब्राहिम जोलफागरी ने कहा- “अमेरिका ने ईरान की पवित्र भूमि का उल्लंघन किया है. उसे अप्रत्याशित परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने इस युद्ध को शुरू किया है लेकिन हम इसे खत्म करने वाले होंगे.”
इजराइल पर ईरान ने किए मिसाइल और ड्रोन हमले
ईरानी मीडिया ने इजराइल पर ताजा हमले के बारे में बताया है. तस्नीम समाचार ऐजेंसी ने बताया कि- “यह हमला ठोस और तरल ईंधन मिसाइलों का उपयोग करके संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन के साथ किया गया था. इजराइली वायु रक्षा कवच की परतों को भेदने के लिए विशेष रणनीति का उपयोग किया गया था.”
अमेरिका को नये युद्ध में धकेल दिया ट्रंप : दिमित्री मेदवेदेव
वहीं रूरी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को एक नये युद्ध में धकेल दिया है. शांति स्थापित करने की मंशा से राष्ट्रपति के रूप में आए ट्रंप ने अमेरिका के लिए एक नया युद्ध शुरू कर दिया है.
दिमित्री मेदवेदव ने और क्या-क्या कहा
– पूर्व रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि इस स्ट्राइक में ईरान के बुनियादी ढांचे को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा
– ईरान भविष्य में परमाणु हथियारों का उत्पादन जारी रखेगा
– कई देश ईरान को परमाणु हथियार देने को तैयार
– दामित्री मेदवेदेव ने ऐसे देशों का नाम नहीं बताया
– इजराइल की आबादी अब लगातार खतरे में जी रही है
– इजराइल के कई हिस्सों में विस्फोट हो रहे हैं
– अमेरिका अब एक नए संघर्ष में उलझा
– जमीनी कार्रवाई की संभावनाएं मंडरा रही
– कहा- हमलों ने ईरान को राजनीतिक रूप से मजबूत किया
– ईरान के लोग आध्यात्मिक नेतृत्व के इर्द-गिर्द एकजुट हो रहे
अमेरिका ने दिया धोखा, अब बातचीत नही : ईरान
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बात को खारिज कर दिया कि ईरान मौजूदा हालात में परमाणु वार्ता में फिर से शामिल होगा. उन्होंने कहा, ‘हम कूटनीति के बीच में थे. हम अमेरिका के साथ बातचीत के बीच में थे, जब इजरायल ने उस पर हमला किया.’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों से ठीक दो दिन पहले जिनेवा में यूरोपीय वार्ताकारों के साथ बातचीत चल रही थी. इसी दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया. ईरान ने नहीं, बल्कि अमेरिका ने धोखा दिया है.

















