Israel-Iran War: 13 जून से इजराइल-ईरान के बीच लड़ाई जारी है. दोनों देशों में जान-माल की क्षति हो रही है. इस बीच इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरू अयातुल्ला अली सिस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के शीर्ष नेतृत्व अयातुल्ला खामनेई को निशाना बनाया गया तो इससे अराजकता फैलेगी. इससे युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में फैल सकता है. बता दें कि इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अयातुल्ला खामनेई को निशाना बनाने की बात कही थी. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है. वहीं ट्रंप ने भी एक बार फिर ईरान पर हमले की धमकी दी है. वहीं दूसरी ओर भारत ने भी ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधू शुरू कर दिया है.
अस्पताल पर ईरान का हमला युद्ध अपराध : इजराइल
वहीं इजराइल के स्वास्थ्य मंत्री उरिएल बुसो ने कहा- “सोरोका अस्पताल पर ईरान का मिसाइल हमला आतंकी घटना और युद्ध अपराध है. इजराइल का आरोप है कि ईरान ने जानबूझकर अस्पताल को निशाना बनाया.” बता दें कि बीरशेबा इलाके में सोरोका अस्पताल पर ईरान ने मिसाइल से हमला किया. इस हमले में नुकसान की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है. मध्य और दक्षिण इस्राइल में भी ईरानी मिसाइलों से काफी नुकसान हुआ है.
इजराइल ने ईरान के तेहरान पर किया हवाई हमला
इजराइली सेना ने कहा है कि उनकी वायुसेना ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले कर रही है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट है कि सेंट्रल तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिविट कर दिया गया है. वहीं इजराइली सेना ने ईरान के लोगों को अराक और खोनदाब शहरों को खाली करने को कहा है. दरअसल अराक और खोनदाब शहरों में ईरान के हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर हैं. ये हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर्स को ठंडा करने में मदद करते हैं.
इधर गाजा में भी हमले, बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी हताहत
इधर मध्य गाजा में इजराइल के हमले में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. अल-अक्सा शहीद अस्पताल और अल-अवदा अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक फिलिस्तीनी लोग घायल हुए हैं. गाजा शहर के ज़ेइतून इलाके में इस्राइली सेना ने एक घर पर बमबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी हताहत हुए. ईरान के साथ जारी टकराव के साथ-साथ इजराइल और हमास का हिंसक संघर्ष भी जारी है. फिलिस्तीनी युवाओं के कुद्स न्यूज नेटवर्क और फलस्तीनी सूचना केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य गाजा के नुसेरात में गाजा ब्रिज के पास इस्राइली सेना ने हमले किए. इस हमले में 16 फलस्तीनी मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं.
युद्ध का 80 फीसदी से अधिक इजराइली यहूदी कर रहे समर्थन
एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 83 फीसदी यहूदी इजराइली लोगों ने पश्चिम एशिया के एक अन्य देश ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन कर रहे हैं. यहां तक कि एविगडोर लीबरमैन जैसे दक्षिणपंथी कट्टरपंथी नेता भी अब कह रहे हैं कि नेतन्याहू सही काम कर रहे हैं. लीबरमैन ने 2018 में सरकार की नीतियों से असंतुष्ट होकर अपना कैबिनेट पद छोड़ दिया था. गाजा में युद्ध के कारण पिछले साल नेतन्याहू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले बेनी गैंट्ज ने भी कहा है कि ईरान के मामले में केवल सही या गलत का फैसला होना है, और इजराइल सही है.

















